8th Pay Commission – केंद्र सरकार ने देशभर के लाखों कर्मचारियों को एक बड़ी राहत देते हुए वेतन में 34% की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों के आधार पर लागू की जा रही है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिलेगा। खासकर ग्रेड पे 1 से 7 तक के कर्मचारियों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती देना है ताकि वे अपनी दैनिक जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकें। यह वेतनवृद्धि त्योहारी सीजन से पहले लागू की जा रही है जिससे दिवाली से पहले ही सरकारी कर्मचारियों के घरों में खुशियों की बहार आ सके। इस निर्णय से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इसका लाभ किन-किन विभागों और कर्मचारियों को किस प्रकार मिलेगा।

8th Pay Commission में 34% वेतन वृद्धि का क्या है पूरा विवरण?
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्र सरकार ने 34% तक महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो सीधे तौर पर कुल वेतन में इजाफा करेगी। यह वेतनवृद्धि ग्रेड पे 1800 से 4600 तक के सभी कर्मचारियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। इसके तहत न्यूनतम वेतन में ₹6,800 से लेकर ₹15,000 तक की मासिक वृद्धि देखी जा सकती है। उदाहरण के तौर पर, पहले जिन कर्मचारियों का कुल वेतन ₹21,000 था, अब उन्हें लगभग ₹28,000 तक सैलरी मिलेगी। इस कदम से 50 लाख से अधिक केंद्र सरकार के कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। सरकार ने यह फैसला देशभर में बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए लिया है, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके। यह वृद्धि आने वाले महीनों में राज्यों द्वारा भी अपनाई जा सकती है, जिससे राज्य कर्मचारी भी लाभान्वित होंगे।
किन कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ और कैसे करें दावा?
यह वेतन वृद्धि केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले सभी स्थायी कर्मचारियों पर लागू होगी, जिनका ग्रेड पे 1 से 7 के बीच आता है। इसमें शिक्षा, रेलवे, डाक विभाग, रक्षा, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) सहित अन्य सभी विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। यह वृद्धि स्वचालित रूप से उनके वेतन स्लिप में परिलक्षित होगी और इसके लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि कुछ विशेष भत्तों या वेतन विसंगति मामलों में कर्मचारियों को HR या वेतन अनुभाग से संपर्क करना पड़ सकता है। इसके अलावा पेंशनभोगियों को भी संशोधित दरों पर महंगाई राहत (DR) दी जाएगी। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे अक्टूबर की सैलरी स्लिप में इस वृद्धि को जांचें और यदि कोई विसंगति हो तो संबंधित अधिकारी से संपर्क करें।
राज्यों में भी लागू होगी यह बढ़ोतरी? जानिए ताजा स्थिति
केंद्र सरकार की इस घोषणा के बाद अब राज्य सरकारों पर भी कर्मचारियों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है कि वे भी अपने कर्मचारियों के लिए वेतन में समान वृद्धि करें। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कर्मचारी संगठनों ने इस दिशा में सरकार से वार्ता शुरू कर दी है। कुछ राज्यों ने संकेत दिए हैं कि वे जल्द ही DA में समान प्रतिशत वृद्धि की घोषणा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अधिकांश राज्य 34% वृद्धि स्वीकार करते हैं, तो यह पूरे देश में सरकारी वेतन संरचना को नया स्वरूप देगा। इससे राज्य स्तर के कर्मचारियों में भी उत्साह और संतुष्टि का माहौल बनेगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन-कौन से राज्य इस केंद्रीय मॉडल को अपनाते हैं और कब तक इसे लागू करते हैं।
