Sariya Cement Price Update – नई जीएसटी दरों के लागू होने के बाद भारत में निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, बालू, गिट्टी और सरिया की कीमतों में भारी गिरावट देखी जा रही है। यह बदलाव खासकर उन लोगों के लिए राहत भरा है जो अपने घर का निर्माण या मरम्मत कर रहे हैं। पहले इन वस्तुओं पर अधिक टैक्स लगने के कारण इनकी कीमतें आसमान छू रही थीं, लेकिन सरकार द्वारा नए स्लैब में बदलाव के बाद अब ये वस्तुएं अपेक्षाकृत सस्ती हो गई हैं। इस बदलाव का सीधा लाभ मध्यमवर्गीय और ग्रामीण उपभोक्ताओं को मिलेगा जो लंबे समय से बढ़ती कीमतों से परेशान थे। सीमेंट और सरिया जैसे प्रमुख उत्पाद अब लगभग ₹15 से ₹25 प्रति बैग/किलो सस्ते हुए हैं। इससे छोटे और मध्यम स्तर के कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में भी तेजी आने की संभावना है। यह निर्णय सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है जिसमें वह आवास निर्माण को सरल और सुलभ बनाना चाहती है।

GST बदलाव से निर्माण सामग्री के दामों में आई गिरावट
नई जीएसटी दरों के तहत सीमेंट, सरिया, बालू और गिट्टी जैसे निर्माण उत्पादों पर लगने वाले टैक्स में कटौती की गई है। पहले जहां सीमेंट पर 28% तक जीएसटी लगता था, वहीं अब इसे घटाकर 18% के स्लैब में लाया गया है। इसी तरह, सरिया पर भी टैक्स में छूट दी गई है जिससे इसकी खुदरा कीमतों में ₹2 से ₹3 प्रति किलो की कमी आई है। बालू और गिट्टी, जो अक्सर अनऑर्गेनाइज़्ड सेक्टर से आते हैं, उन पर भी टैक्स दरें अब स्पष्ट कर दी गई हैं जिससे राज्यों में एकरूपता बनी है और कीमतें नियंत्रण में आई हैं। इन बदलावों का असर केवल रेट में ही नहीं बल्कि प्रोजेक्ट टाइमलाइन और लागत पर भी देखने को मिलेगा। बिल्डर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स और आम उपभोक्ता अब सस्ते दामों में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक फायदा
सरकार के इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ होने की उम्मीद है। वहां अब भी ज्यादातर लोग खुद का घर बनाने की प्रक्रिया में होते हैं और उनके लिए निर्माण लागत बड़ा मुद्दा होता है। सीमेंट और सरिया की कीमतों में आई गिरावट से अब वे कम बजट में अपना निर्माण कार्य पूरा कर पाएंगे। साथ ही, बालू और गिट्टी की कीमतें सस्ती होने से मजदूरी और ट्रांसपोर्टेशन लागत पर भी नियंत्रण होगा। विभिन्न राज्यों में पहले टैक्स नीति भिन्न-भिन्न होने के कारण कीमतों में असंतुलन देखा जाता था, लेकिन अब एक समान दरें होने से पारदर्शिता आई है और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल रहा है। सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे प्रयासों के लिए भी यह फैसला सकारात्मक रहेगा क्योंकि कम लागत में अधिक घर बन सकेंगे।
सस्ती हुई निर्माण सामग्री का सीधा लाभ उपभोक्ताओं को
अब जब जीएसटी में बदलाव से निर्माण सामग्री सस्ती हुई है, तो इसका फायदा सबसे पहले उपभोक्ताओं को मिलेगा। खासकर वे लोग जो पिछले कुछ महीनों से रुककर निर्माण कार्य शुरू करने का इंतजार कर रहे थे, अब तेजी से प्रोजेक्ट्स शुरू करेंगे। इस कदम से रियल एस्टेट सेक्टर में भी रफ्तार आने की संभावना है क्योंकि सस्ती सामग्री से फ्लैट्स और मकानों की कीमतें नियंत्रित हो सकती हैं। इसके अलावा छोटे बिल्डर्स और ठेकेदार भी अब अधिक प्रोजेक्ट्स लेने के लिए सक्षम होंगे। उपभोक्ताओं को अब कीमतों की तुलना करना और सही समय पर खरीददारी करना आसान होगा क्योंकि टैक्स स्लैब में एकरूपता और पारदर्शिता आई है।
अभी के ताजा रेट्स – सरिया, सीमेंट, बालू और गिट्टी
जीएसटी कटौती के बाद विभिन्न निर्माण सामग्रियों की मौजूदा कीमतों में बदलाव देखा गया है। नीचे एक ताजा कीमतों की तालिका दी गई है:
| सामग्री | पुरानी कीमत (प्रति यूनिट) | नई कीमत (प्रति यूनिट) | औसत बचत |
|---|---|---|---|
| सीमेंट (50kg बैग) | ₹410 | ₹385 | ₹25 |
| सरिया (1kg) | ₹80 | ₹76 | ₹4 |
| बालू (1 ट्रॉली) | ₹1,800 | ₹1,650 | ₹150 |
| गिट्टी (1 ट्रॉली) | ₹2,000 | ₹1,850 | ₹150 |
