Gold Price Hike – सोना और चांदी के दामों में इन दिनों जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर Gold Price Hike ने बाजार में हलचल मचा दी है, वहीं आश्चर्यजनक रूप से आज पहली बार 22K और 24K सोने के रेट में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट तब देखने को मिली जब चांदी ने इतिहास रचते हुए अपने भावों में नई ऊंचाई हासिल की। विशेषज्ञों का कहना है कि यह परिवर्तन अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और तेल की कीमतों में बदलाव के कारण आया है। भारत में सोने-चांदी की कीमतें हमेशा वैश्विक परिस्थितियों से प्रभावित होती हैं, इसलिए निवेशक फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

22K और 24K सोने के आज के ताजा रेट
आज के दिन की शुरुआत में सोने के भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। 22 कैरेट गोल्ड का रेट ₹5,600 प्रति ग्राम और 24 कैरेट गोल्ड का रेट ₹6,110 प्रति ग्राम तक पहुंच गया है। पिछले सप्ताह की तुलना में यह लगभग ₹80 से ₹100 की कमी को दर्शाता है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में गोल्ड रेट्स में थोड़ी स्थिरता आ सकती है क्योंकि फेस्टिव सीजन नजदीक है और सोने की मांग में उछाल देखने की संभावना है। इसके अलावा, ज्वेलरी शॉप्स पर डिस्काउंट ऑफर और ट्रेड इन स्कीम्स भी चल रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं के लिए यह खरीदारी का सही मौका हो सकता है।
चांदी के दामों में ऐतिहासिक उछाल
सोने के विपरीत इस हफ्ते चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में औद्योगिक मांग बढ़ने और डॉलर के उतार-चढ़ाव के चलते सिल्वर रेट्स ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। फिलहाल भारत में चांदी ₹78,500 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है, जो पिछले महीने के मुकाबले लगभग ₹1,200 ज्यादा है। यह उछाल उन निवेशकों के लिए राहत की खबर है जिन्होंने सिल्वर मार्केट में निवेश किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में यह तेजी अल्पकालिक नहीं है और आने वाले महीनों में यह ₹80,000 प्रति किलो का स्तर पार कर सकती है।
सोना-चांदी बाजार में तुलना और रुझान
वर्तमान में सोना-चांदी बाजार में दिलचस्प स्थिति बनी हुई है। जहां सोना थोड़ी गिरावट दिखा रहा है, वहीं चांदी अपनी तेज़ी बनाए हुए है। 22K सोने की कीमत पिछले महीने की तुलना में 1.2% कम हुई है जबकि चांदी लगभग 2.5% ऊपर है। कई निवेशक इस मौके को दीर्घकालिक निवेश के लिए उपयुक्त मान रहे हैं क्योंकि गिरावट के दौरान सोना खरीदना लंबे समय में लाभदायक साबित हो सकता है। वहीं, ज्वेलरी डीलर्स भी अनुमान लगा रहे हैं कि त्योहारी सीजन में सोने की मांग फिर से बढ़ेगी, जिससे दामों में नई तेजी आ सकती है।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य का अनुमान
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सप्ताहों में गोल्ड प्राइस में स्थिरता बनी रह सकती है जबकि चांदी में और उछाल देखने को मिलेगा। अमेरिकी बाजार से आने वाले आर्थिक आंकड़ों और डॉलर इंडेक्स पर भी नजर रखी जा रही है क्योंकि इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है। यदि डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं। फिलहाल, निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सोने-चांदी निवेश में संतुलन बनाए रखें और बड़े फैसले फेस्टिव सीजन के बाद लें। यह समय आम खरीदारों के लिए अच्छा अवसर है क्योंकि कीमतें फिलहाल संतुलित स्तर पर हैं और आने वाले समय में फिर से बढ़ने की संभावना है।
