Income Tax On Farm Land: खेती वाली जमीन बेचने पर अब देना होगा इतना टैक्स, जानिए इनकम टैक्स के नियम।

Income Tax On Farm Land 2025 – भारत में खेती की जमीन बेचना अब पहले जैसा सीधा-साधा मामला नहीं रह गया है। अब इस पर इनकम टैक्स कानून की कुछ खास धाराएं लागू होती हैं, जिनके तहत आपको टैक्स देना पड़ सकता है। अगर आपने किसी गांव या शहर में कृषि भूमि खरीदी थी और अब उसे बेच रहे हैं, तो इस लेन-देन को लेकर टैक्स का असर काफी हद तक जमीन की लोकेशन और इस्तेमाल पर निर्भर करता है। ग्रामीण क्षेत्रों की खेती योग्य जमीन पर मिलने वाला लाभ आमतौर पर टैक्स फ्री होता है, लेकिन अगर वही जमीन शहरी सीमा के अंदर आती है, तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स लगाया जा सकता है। सरकार ने यह नियम इसलिए बनाए हैं ताकि अचल संपत्तियों की बिक्री से होने वाली आमदनी को टैक्स के दायरे में लाया जा सके और कालाधन को रोका जा सके।

शहरी कृषि भूमि की बिक्री पर लगने वाला टैक्स

यदि आपकी जमीन किसी म्युनिसिपल अथॉरिटी की सीमा में आती है, यानी शहरी क्षेत्र में है, तो उस जमीन को इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार कैपिटल एसेट माना जाता है। जब आप इस तरह की जमीन को बेचते हैं, तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स बनता है। अगर आपने यह जमीन 2 साल से ज्यादा समय तक रखी थी, तो उस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है, जो कि इंडेक्सेशन बेनिफिट के साथ 20 प्रतिशत होता है। वहीं, अगर जमीन 2 साल से कम समय के लिए आपके पास थी, तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा, जिस पर आपकी इनकम स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। टैक्स से बचने के लिए आप सेक्शन 54B के तहत नए सिरे से कोई दूसरी कृषि भूमि खरीद सकते हैं, जिससे आपको टैक्स में राहत मिल सकती है।

Land Registry Law
Land Registry Law

ग्रामीण भूमि बेचने पर टैक्स में छूट की शर्तें

इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार, अगर आपकी कृषि भूमि ग्रामीण क्षेत्र में आती है और वह किसी नगर पालिका की सीमा से 8 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर स्थित है, और वहां की आबादी 10,000 से कम है, तो ऐसी जमीन को कैपिटल एसेट नहीं माना जाता। इसका मतलब है कि इस जमीन को बेचने पर मिलने वाला लाभ टैक्स फ्री होगा। हालांकि यह छूट तभी मान्य होगी जब आप यह साबित कर सकें कि जमीन को वास्तव में खेती के उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया था। इसके लिए रेवेन्यू रिकॉर्ड, बिजली बिल, खाद-बीज की रसीदें आदि का होना आवश्यक है। बिना उचित प्रमाणों के टैक्स विभाग इस छूट को खारिज कर सकता है, इसलिए दस्तावेज पूरे रखना जरूरी है।

सेक्शन 54B के तहत कैसे मिलेगी टैक्स में राहत

जो लोग शहरी कृषि भूमि बेचते हैं और उस पर कैपिटल गेन टैक्स बनता है, वे सेक्शन 54B का लाभ उठाकर टैक्स से राहत पा सकते हैं। इसके तहत अगर आपने अपनी पुरानी कृषि भूमि बेचकर दो साल के अंदर दूसरी कृषि भूमि खरीद ली है, तो इस निवेश पर आपको टैक्स में छूट मिल सकती है। ध्यान दें कि यह छूट केवल व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों को मिलती है।

बिक्री से पहले रखें ये जरूरी दस्तावेज

जमीन की बिक्री से पहले कुछ जरूरी दस्तावेजों का होना बेहद जरूरी है ताकि बाद में टैक्स विवाद से बचा जा सके। सबसे पहले रेवेन्यू रिकॉर्ड जैसे खतौनी, नक्शा, और बी-1 जैसे दस्तावेज अपडेट होने चाहिए। इसके अलावा, अगर आप यह दिखाना चाहते हैं कि जमीन पर खेती होती थी, तो खाद-बीज की रसीदें, बिजली बिल, और फसल उत्पादन से जुड़े कागजात इकट्ठा करना चाहिए।

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