Sona Chandi Sasta – त्योहारी सीज़न में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव आम बात है, लेकिन इस बार आरबीआई के एक अहम फैसले ने बाजार की दिशा ही बदल दी है। 18 अक्टूबर से 24 अक्टूबर के बीच, सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है, जिससे निवेशकों और आम जनता दोनों को राहत मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार, आरबीआई ने विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर रखने और आयात को संतुलित करने के लिए जो नीति बदली है, उसका असर सीधे कीमती धातुओं पर पड़ा है। खास बात यह है कि यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब देशभर में धनतेरस, दिवाली जैसे पर्व आने वाले हैं और लोग बड़ी मात्रा में सोने-चांदी की खरीदारी करते हैं।

18 अक्टूबर से सोना हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी लुढ़के
आरबीआई के फैसले के बाद 18 अक्टूबर से देशभर के प्रमुख सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई। जहां पहले 22 कैरेट सोने का भाव ₹56,800 प्रति 10 ग्राम था, वहीं अब यह ₹55,300 तक पहुंच गया है। इसी तरह चांदी की कीमतें भी ₹71,200 प्रति किलो से गिरकर ₹69,000 के आसपास आ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट आरबीआई द्वारा सोने के आयात पर कस्टम ड्यूटी में बदलाव और वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण आई है।
आरबीआई के फैसले से बदली बाजार की चाल, निवेशकों में हलचल
भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपने ताजा मौद्रिक निर्णय में सोने और चांदी से संबंधित कुछ नियमों में बदलाव किए हैं, जिनका असर सीधे बाजार पर देखने को मिल रहा है। इस फैसले में आयात नीति में संशोधन और कस्टम ड्यूटी को लेकर कुछ अहम निर्देश जारी किए गए, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि आरबीआई अब सोने-चांदी के दामों को लेकर और सख्त रणनीति अपना सकता है। कुछ निवेशक इस गिरावट को अवसर मानकर खरीदारी कर रहे हैं, वहीं कई निवेशक अब सुरक्षित विकल्पों की तलाश में हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और दिवाली के बाद फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहना जरूरी है।
चांदी की कीमतों में ₹2,000 तक की गिरावट, जानिए ताजा रेट
आरबीआई के फैसले का असर चांदी पर भी देखने को मिला है। बीते सप्ताह चांदी की कीमतों में ₹2,000 तक की गिरावट आई है। पहले जहां चांदी ₹71,200 प्रति किलो थी, अब यह घटकर ₹69,000 के आस-पास बिक रही है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी यही ट्रेंड देखा गया है। चांदी के बर्तन और ज्वेलरी बनाने वालों के लिए यह समय लाभदायक साबित हो सकता है। त्योहारी मांग के कारण चांदी की खपत बढ़ रही है, और गिरती कीमतों के बीच उपभोक्ताओं की खरीदारी तेज हो गई है।
अगले हफ्ते क्या फिर बढ़ेंगे सोने-चांदी के दाम?
इस सवाल का जवाब देना फिलहाल मुश्किल है क्योंकि वैश्विक संकेत और आरबीआई की नीतियां लगातार बदल रही हैं। हालांकि बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और अगले सप्ताह धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के चलते कीमतों में एक बार फिर तेजी आ सकती है। इसके अलावा अमेरिका और चीन के आर्थिक फैसले, डॉलर की चाल, और कच्चे तेल के दाम भी सोने-चांदी के बाजार को प्रभावित करेंगे। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लें। यह समय उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो लंबे समय से कीमतों में गिरावट का इंतजार कर रहे थे।
