Petrol Diesel Rate 2025 – देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लंबे समय के बाद राहत की खबर आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में गिरावट और सरकार की नई टैक्स नीति के कारण अब आम जनता को पेट्रोल-डीजल सस्ता मिल रहा है। पेट्रोल पंपों पर रोजाना बदलने वाले रेट्स के अनुसार इस हफ्ते कई राज्यों में प्रति लीटर ₹2 से ₹3 तक की कमी दर्ज की गई है। इससे न केवल वाहन चालकों को राहत मिली है, बल्कि ट्रांसपोर्ट और सामानों की कीमतों पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल के दाम इसी तरह कम बने रहे, तो आने वाले दिनों में और भी कमी संभव है।

पेट्रोल-डीजल सस्ता होने का कारण
पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों और सरकार की टैक्स नीति पर निर्भर करती हैं। हाल ही में ओपेक देशों द्वारा उत्पादन बढ़ाने और डॉलर की मजबूती घटने से क्रूड ऑयल की कीमतें नीचे आई हैं। इसके साथ ही सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में मामूली कटौती की है, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है। भारत में तेल कंपनियां हर दिन नई दरें तय करती हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव का सीधा असर पेट्रोल-डीजल के रेट पर पड़ता है।
किस शहर में कितना सस्ता हुआ तेल
देश के अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दामों में भिन्नता देखने को मिल रही है। दिल्ली में पेट्रोल अब ₹94.72 प्रति लीटर और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर पर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल ₹105.29 और डीजल ₹92.76 प्रति लीटर है। वहीं चेन्नई और कोलकाता में भी कीमतें ₹2 से ₹3 तक घटी हैं। ग्रामीण इलाकों में जहां परिवहन लागत अधिक होती है, वहां थोड़ी कम राहत मिली है, लेकिन समग्र रूप से देशभर में कीमतों में कमी का रुझान बना हुआ है।
पेट्रोल-डीजल के सस्ते होने से क्या फायदा
तेल की कीमतों में गिरावट से सीधे तौर पर लोगों की जेब पर असर पड़ता है। गाड़ियों में ईंधन भरवाने का खर्च घटने से घरेलू बजट में राहत मिलती है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट घटने से खाद्य वस्तुएं और जरूरी सामानों की कीमतें भी स्थिर रहती हैं। इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार यह ट्रेंड लंबे समय तक जारी रहा तो महंगाई दर में भी गिरावट देखी जा सकती है। इससे आम जनता के साथ-साथ उद्योग जगत को भी फायदा होगा।
आने वाले दिनों में क्या हो सकता है बदलाव
हालांकि अभी तेल की कीमतों में गिरावट जारी है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की मांग बढ़ी या डॉलर मजबूत हुआ तो फिर से रेट्स में बढ़ोतरी हो सकती है। भारत सरकार फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर टैक्स में और बदलाव कर सकती है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने शहर के दैनिक रेट्स पर नजर रखें क्योंकि ये रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट होते हैं।
