Income Tax On Farm Land – खेती वाली जमीन यानी कृषि भूमि को बेचना अब पहले जितना आसान नहीं रहा क्योंकि इस पर टैक्स देने के नियम सख्त कर दिए गए हैं। पहले लोग यह मानते थे कि खेती की जमीन को बेचने पर उन्हें किसी तरह का टैक्स नहीं देना होगा, लेकिन आयकर विभाग के नियम अब इस पर साफ निर्देश देते हैं। अगर आप खेती की जमीन को बेचते हैं और वह अर्बन एरिया (शहरी सीमा) के अंतर्गत आती है, तो आपको कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ सकता है। यह टैक्स उस मुनाफे पर लगाया जाता है जो आपने जमीन की खरीद और बिक्री के बीच कमाया हो। हालांकि, कुछ मामलों में टैक्स से छूट भी मिल सकती है, जैसे यदि आपने वह रकम किसी और एग्रीकल्चर प्रॉपर्टी में निवेश की हो।

किस खेती की जमीन पर टैक्स देना होता है? जानिए नियम
Income Tax Act के तहत, अगर आपकी खेती वाली जमीन नगर निगम या नगर पालिका की सीमा से एक निर्धारित दूरी के भीतर आती है, तो वह अर्बन एग्रीकल्चरल लैंड कहलाती है और इस पर टैक्स लागू होता है। अगर यह दूरी 2, 6 या 8 किलोमीटर तक हो (जनसंख्या के अनुसार), तो उस जमीन को अर्बन माना जाता है और बेचने पर कैपिटल गेन्स टैक्स देना होता है। वहीं, अगर जमीन रूरल एरिया में है यानी गांव की सीमा में आती है और वहां की जनसंख्या 10,000 से कम है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता। इस नियम के तहत यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी जमीन किस प्रकार के इलाके में स्थित है।
कैसे निकलता है टैक्स और किन हालातों में मिलती है छूट?
खेती की जमीन बेचने पर मिलने वाला लाभ ‘कैपिटल गेन्स’ कहलाता है, और यह दो प्रकार का हो सकता है – शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स। यदि आपने जमीन को 24 महीने से पहले बेच दिया, तो यह शॉर्ट टर्म माना जाएगा और आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। अगर जमीन 24 महीने से ज्यादा रखी गई है, तो यह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स होगा और इस पर 20% टैक्स लगेगा (इंडेक्सेशन बेनिफिट के साथ)। लेकिन अगर आप इस पैसे को Section 54B के तहत किसी दूसरी कृषि भूमि में निवेश करते हैं, तो आपको टैक्स में छूट मिल सकती है। ध्यान दें कि छूट पाने की प्रक्रिया भी समयबद्ध होती है—निश्चित समय सीमा में निवेश करना अनिवार्य होता है।
Important Table: Tax Rules on Selling Agricultural Land
| जमीन की स्थिति | टैक्स लागू? | टैक्स कैसा लगेगा | छूट का प्रावधान |
|---|---|---|---|
| गांव में स्थित (रूरल एरिया) | नहीं | कोई टैक्स नहीं | NA |
| शहरी सीमा के भीतर | हाँ | कैपिटल गेन्स टैक्स | Section 54B के तहत |
| 24 महीने से कम रखी जमीन | हाँ | शॉर्ट टर्म टैक्स | नहीं |
| 24 महीने से ज्यादा रखी जमीन | हाँ | 20% लॉन्ग टर्म टैक्स | हां, निवेश पर छूट |
Tax Planning: खेती वाली जमीन बेचने से पहले रखें ये बातें ध्यान
अगर आप खेती वाली जमीन को बेचने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले आपको उसकी लोकेशन के बारे में स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए—क्या वह ग्रामीण क्षेत्र में है या शहरी सीमा के अंदर? दूसरी बात, जमीन आपने कब खरीदी थी और अब कब बेच रहे हैं, इसका समय भी बहुत मायने रखता है क्योंकि इसी से यह तय होगा कि टैक्स शॉर्ट टर्म में लगेगा या लॉन्ग टर्म में। इसके अलावा, बिक्री से मिले पैसे को कहां निवेश कर रहे हैं, यह भी आपके टैक्स की देनदारी को प्रभावित करता है। सही समय पर टैक्स सलाहकार से मार्गदर्शन लेना और इनकम टैक्स विभाग के नियमों को पढ़कर समझना जरूरी है, जिससे आप टैक्स बचा सकें और कानूनी उलझनों से दूर रहें।
